कृष्ण जन्म उत्सव
कृष्ण जन्म उत्सव
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यह महत्वपूर्ण दिवस भगवान कृष्ण के आगमन का स्मरण है। देश में इसे हर्षोल्लास से मनाया , खासकर उत्तर भारत में। अनुयायी कृष्ण के जन्म का स्मरण करते हुए अनेक अनुष्ठान और नृत्य प्रस्तुत करते हैं।
जन्माष्टमी पर्व विशेष: क्यों मनाया जाता है यह पर्व?
श्रीकृष्ण जन्म भगवान श्री कृष्ण के जन्म का अभिनंदन करने के लिए मनाया जाता है। यह शुभ दिन हिंदू धर्मों में अत्यंत पूजनीय है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अत्याचारी राजा कंस को हराकर तथाकथित पृथ्वी को बचाया , इसलिए यह दिन आनंद और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। लोग व्रत करते हैं, मन्दिरों में जाकर पूजा करते हैं तथा बर्तन में दही और रोली लगाकर बच्चों को संजोते हैं।
- राजा कंस का विनाश
- नैतिकता की जीत
- भगवान श्रीकृष्ण के प्रति असीम भक्ति
जन्माष्टमी की वृत्तांत: कंस विनाश और कृष्ण जन्म
पौराणिक कथाओं के अनुसार, कंस एक क्रूर राजा था जिसने अपने बल से राज्य पर शासन किया। उसने अपने मामा देवदत्त को मारकर सिंहासन हासिल किया था और उसके बाद उसे शाप मिला कि वह अपने ही nephew के हाथों मारा जाएगा। जब कंस की पत्नी रुक्मिणी ने पुत्र को जन्म दिया, तो उसे भयंकर क्रोध आया और उसने राज्य भर में आदेश दिया कि सभी नए जन्मे बच्चों को मार डाला जाए। लेकिन, यशुदा और देवकी ने कृष्ण को जेल से बचाने के लिए एक गुप्त योजना बनाई। कृष्ण का जन्म कारागार में हुआ, और उन्होंने अपने जीवन में कंस के कई अत्याचारों का सामना किया, जिसके अंत में उनका महान कंस वध हुआ और मथुरा राज्य में शांति लौट आई।
जन्माष्टमी पर ये उपाय करें मिलेंगे लाभ
जन्माष्टमी का महत्वपूर्ण त्योहार नजदीक आ गया है, और इस अवसर पर कुछ सरल कार्य करने से आपको विशेष आशीर्वाद मिल सकते हैं। इस मौके जन्माष्टमी के दिन, आप निम्नलिखित चीज़ों को आजमा सकते हैं:
- कृष्ण जी को नई धनिया-पुदीना की चटनी अवश्य लगाएं।
- खांड़ से बनी मिठाई का दान करें।
- सुबह शंख बजाएं और तुलसी के पौधे को सींचें दें।
- असहायों को दान का वितरण करें, इससे दुख कम होंगे।
श्री कृष्ण जन्म उत्सव के के सावन स्वादिष्ट व्यंजन : रेसिपीज़
जन्माष्टमी का त्योहार निश्चित रूप से एक खास अवसर है, और इसे मनाने के लिए, यहाँ कुछ स्वादिष्ट व्यंजनों की रेसिपीज़ दी गई हैं! आप अपनी पसंद के अनुसार चुनाव कर सकते हैं।
- ठंडा मक्खन: जन्माष्टमी का मुख्य आकर्षण!
- पुरिया : इसे निश्चित रूप से तैयार करके खाएं।
- मूंग दाल हलवा: मीठा और आनंददायक!
- मठे का पेड़ा: जन्माष्टमी के लिए एक पारंपरिक मिठाई।
- हरी की सब्जी : बनने में आसान और बेहतरीन !
ये विधियाँ आपके रिश्तेदारोँ के साथ जन्माष्टमी का जश्न मनाने को अधिक आनंदमय करेंगे ! उम्मीद है आपको ये पसंद आएंगे!
जन्माष्टमी का पर्व 2024: शुभ तिथि , शुभ मुहूर्त और पूजन विधि
जन्माष्टमी का त्यौहार 2024 को बड़े धूमधाम से मनाया जाएगा। इस वर्ष, शुभ तिथि को भगवान कृष्ण की जन्म श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की आठवें दिन को है। पूजन click here का तरीका के लिए, सर्वोत्तम समय प्रातः के बाद से लेकर दोपहर तक रहेगा। भक्त भगवान कृष्ण को नंदोत्सव पर शुभ वस्त्रों से श्रृंगार करना और दही – स्वादिष्ट व्यंजनों का प्रसाद लगाने के साथ-साथ भजन भी सुनाएंगे। इस वर्ष महत्वपूर्ण बात यह है कि आठवें दिन संयोग में पड़ रही है, जिससे इसका महत्व और भी बढ़ेगा ।
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